चंडीगढ़: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा कई किसान नेताओं को हिरासत में लेने का मामला गरमाता जा रहा है।
बुधवार को विपक्षी दलों ने किसान नेताओं की गिरफ्तारी को "कायरतापूर्ण कदम" करार दिया।
हिरासत में लिए गए नेताओं में सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल का नाम प्रमुख है। ये दोनों नेता मोहाली में उस वक्त हिरासत में लिए गए जब वे केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक से लौट रहे थे।
इस दौरान पंजाब पुलिस ने शंभू और खनौरी प्रदर्शन स्थलों को खाली करा दिया और वहां लगे अवरोधक हटा दिए, जो एक साल से अधिक समय से लगे हुए थे।
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन को दबाने के लिए सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष ने इसे किसानों के अधिकारों का हनन बताया और कहा कि सरकार को किसानों से संवाद करना चाहिए न कि जबरन दमन।
शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है।
किसान नेताओं का कहना है कि सरकार किसानों की मांगों को अनसुना कर रही है और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
पंजाब पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कई क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे।



