उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में उनकी भागीदारी का स्वागत है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में शांति और विकास की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने उग्रवादी संगठनों से कई शांति समझौते किए हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिरता आई है।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उग्रवाद की वजह से इस क्षेत्र का विकास रुक गया था, लेकिन अब वहां शांति बहाल हो रही है।
शाह ने जोर देकर कहा कि जो भी उग्रवादी आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उन्हें सरकार की पुनर्वास योजना का पूरा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उन सभी संगठनों से बातचीत करने के लिए तैयार है, जो हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति स्थापित करने में सहयोग करना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि बीते कुछ वर्षों में हजारों उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और उन्हें समाज में फिर से शामिल किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में पूर्वोत्तर पूरी तरह से हिंसा मुक्त हो जाएगा।
अमित शाह ने पूर्वोत्तर के युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाकर क्षेत्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश को बढ़ावा दे रही है ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।



