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31 साल पहले घेरकर किया मर्डर, अब जेल में कटेगी जिंदगी… फतेहपुर में दो सगे भाइयों को अदालत से उम्रकैद की सजा

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के न्यायालय से एक ऐसा फैसला आया है, जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। दरअसल, यहां 31 साल पहले एक युवक की दो सगे भाइयों समेत चार लोगों ने असलाहों के बट और लाठी डंडों से पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में शुक्रवार को पाक्सो ऐक्ट न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने दो अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 25-25 हज़ार का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड की धनराशि अदा नहीं करने पर आरोपियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी झेलना पड़ेगा।

असलहों के बट और लाठी डंडों से पीटकर मार डाला
अभियोजन देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जाफरगंज थाना क्षेत्र के बसंतखेड़ा गांव निवासी कमल सिंह 7 जून 1992 को शाम करीब छह बजे अपने गांव से फिरोजपुर गेहूं कतराई के लिए मजदूर और ट्रैक्टर के लिए गए थे। इस दौरान रास्ते में दो सगे भाई ओमप्रकाश सिंह और जयप्रकाश सिंह के साथ गिरजा शंकर और पप्पू उर्फ अखिलेश असलहे से लैस मिले और कमल को रोक कर असलहों के बट और लाठी डंडों से पीट- पीटकर मार डाला। इसके बाद मौके से फरार हो गए। इस पर मृतक के पिता से घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

सीबीसीआईडी ने की थी मामले की विवेचना
मृतक के भाई महेंद्र प्रताप सिंह ने स्थानीय पुलिस को हत्या की तहरीर दी। सिविल पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट प्रेषित की। इसके बाद सीबीसीआईडी खंड प्रयागराज ने मामले की विवेचना कर अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल किया। वादी मुकदमा महेंद्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल इलाहाबाद के माध्यम से मामले की एफआईआर दर्ज कराई।

वादी सहित 8 गवाह हुए पेश
शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में वादी समेत 8 गवाह पेश किए गए। गवाहों और सबूतों के आधार पर घटना का दोषी करार देते हुए अदालत ने अभियुक्त जयप्रकाश और ओमप्रकाश को आजीवन कारावास की सजा के साथ 25-25 हज़ार रुपए का जुर्माना भी ठोका है।

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