ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण हेतु JSLPS की तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न.
झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) ने ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक तीन दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया।
रांची: इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के सफल मॉडलों एवं अनुकरणीय योजनाओं पर चर्चा, कृषि, गैर-कृषि क्षेत्र, कौशल विकास एवं डिजिटल नवाचार के माध्यम से टिकाऊ आजीविका मॉडल को बढ़ावा देने के लिए सहयोग एवं क्रियान्वयन रणनीतियों का विकास करना था।
कार्यशाला के प्रमुख बिंदु:
सफल मॉडलों की प्रस्तुति: कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लागू सफल आजीविका मॉडलों की प्रस्तुति दी। इनमें कृषि, पशुपालन, गैर-लकड़ी वन उपज, मत्स्य पालन आदि क्षेत्रों में किए गए नवाचार शामिल थे।
कौशल विकास पर जोर: ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें उन्हें नए उद्यमिता कौशल, विपणन तकनीक और वित्तीय प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
डिजिटल नवाचार: डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग से आजीविका संवर्धन के तरीकों पर चर्चा की गई, जिससे महिलाएं अपने उत्पादों को ऑनलाइन बाजार में प्रस्तुत कर सकें और व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंच सकें।
उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ:
JSLPS की इस पहल से राज्य की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिली है। ‘पलाश’ ब्रांड के तहत सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को प्रोत्साहित किया गया है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। भविष्य में, JSLPS का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस पहल से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए।
प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाएँ:
कार्यशाला में शामिल महिलाओं ने इस पहल की सराहना की और कहा कि उन्हें नए कौशल सीखने का अवसर मिला है, जिससे वे अपने व्यवसाय को और बेहतर तरीके से संचालित कर सकेंगी।
JSLPS की इस तीन दिवसीय कार्यशाला ने ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे राज्य के समग्र विकास में योगदान मिलेगा।


