आधार कार्ड ने मिलवाया परिवार! 7 साल बाद कैसे अपनी मां तक पहुंचे भाई-बहन जानिए
बिहार में आधार कार्ड की वजह से सात साल से बिछड़ा एक परिवार मिल गया। मामला 2016 का है, जब पश्चिमी चंपारण के शिकारपुर थाना इलाके से दो बच्चे गायब हो गए थे। प्रकाश नगर में रहने वाले ये भाई-बहन जो परिवार से अलग हो गए थे लखनऊ के एक बाल सुधार गृह में मिले। उनका घर पश्चिम चंपारण में है ये उस समय पता चला जब आधार कार्ड बनवाने पहुंचे। जांच हुई तो पता चला कि इन बच्चों की मां ने उनके लापता होने की एफआईआर दर्ज करा रखी है। पूरी जांच के बाद दोनों बच्चों को शिकारपुर पुलिस ने लखनऊ के बाल सुधार गृह से अपने कब्जे में ले लिया। इनमें अभी सिर्फ बेटी ही घर पहुंची है।
कैसे मां तक पहुंचे बच्चे
पश्चिम चंपारण के प्रकाश नगर से गायब दो बच्चे 7 साल बाद उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित बाल सुधार गृह में मिले। दोनों बच्चों में अभी लड़की को पुलिस अपने साथ शिकारपुर थाना ले आई है। बच्चा अभी बाल सुधार गृह में ही है। इसकी जानकारी शिकारपुर थानाध्यक्ष रामाश्रय यादव ने दी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही हमें सूचना मिली की 7 साल से लापता बच्चों का पता चला है तो एसआई सुजीत कुमार दास के नेतृत्व में एक टीम गठित कर लखनऊ भेजा गया। पुलिस टीम ने दोनों बच्चों को बाल सुधार गृह से बरामद कर लिया। हालांकि, लड़के की परीक्षा चल रही जिसके कारण उसे लखनऊ से नहीं लाया गया।
एक महिला पर था बच्चों के अपहरण का आरोप
थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्ची को शिकारपुर थाने लाया गया। जब दोनों गायब हुए थे तो एफआईआर में बच्ची की उम्र 12 और बच्चे की उम्र 7 साल बताई गई थी। लेकिन सात साल के बाद दोनों मिले हैं और दोनों बड़े हो गए हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि बरामद युवती को कोर्ट में बयान के लिए भेजा गया। कोर्ट में बयान के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2016 से गायब अब मिले बच्चे
पूरा मामला 2016 में सामने आया था जब मां सुनीता देवी ने दोनों बच्चों को अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थई। दोनों बच्चे एक साथ गायब हो गए थे। मामले में बच्चों की मां प्रकाश नगर निवासी सुनीता देवी ने 22 जुलाई 2016 को शिकारपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई। जिसमें मुन्नी देवी को बच्चों के गायब होने के लिए आरोपी बनाया गया था। उसका घरेलू विवाद था। जिसके कारण मुन्नी देवी ने उसकी 12 वर्षीय पुत्री कौशिकी कुमारी और 8 वर्षीय पुत्र राजीव उर्फ इंद्रसेन का अपहरण कर लिया।




