रैली में गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल की याद दिलाई और कहा कि कांग्रेस के समय में दिल्ली में शांति और बेहतर विकास हुआ करता था। यह क्षेत्र 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों से प्रभावित रहा था, जिसमें 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
स्थानीय समस्याएं:
बाबरपुर निवासी अमान खान ने बताया, “AAP का दावा है कि वह दिल्ली को साफ पानी दे रही है, लेकिन यहां के लोग बाजार से पानी खरीदने पर मजबूर हैं।” वहीं जाफराबाद के जैकेट मार्केट में काम करने वाले हजरत अली और मोहम्मद फैजी ने बताया कि खराब पानी के चलते उन्हें रोजाना बाजार से पानी खरीदना पड़ता है।
फैजी ने कहा, “हमने आम आदमी पार्टी को दो बार मौका दिया है। अब लगता है कि कांग्रेस को एक मौका देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल रहमान को AAP ने धोखा दिया, जबकि उन्होंने क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाई।
शांतिपूर्ण माहौल की उम्मीद:
रैली में महिलाओं ने भाग लिया और कहा कि वे उम्मीद करती हैं कि बीजेपी और AAP के बजाय कांग्रेस सरकार से “शांतिपूर्ण समय” आएगा।
एक व्यक्ति कांग्रेस का झंडा वाला कुर्ता पहने, तिरंगा लहराते और गले में गंदे पानी की बोतलों की माला पहनकर रैली में पहुंचा, जो पानी की समस्या को दिखाने का प्रतीक था।
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