नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली में ‘रायसीना डायलॉग’ के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया।
यह वैश्विक सम्मेलन भू-राजनीति, भू-अर्थशास्त्र और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।
तीन दिवसीय यह कार्यक्रम 17 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित होगा।
सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के नेता, राजनयिक और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
इस साल रायसीना डायलॉग का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
जलवायु परिवर्तन, डिजिटल गवर्नेंस, व्यापार और शांति स्थापित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के अनुसार, यह संवाद कई संस्थानों, संगठनों और व्यक्तियों के सहयोग से आयोजित हो रहा है।
अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की।
इन बैठकों में भारत-अमेरिका के रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
तुलसी गबार्ड ORF अध्यक्ष समीर सरन के साथ मुख्य संवाद में हिस्सा लेंगी।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लकसन इस साल रायसीना डायलॉग के मुख्य अतिथि हैं।
लकसन सम्मेलन में मुख्य भाषण भी देंगे।
इस साल रायसीना डायलॉग में 3,700 से अधिक प्रतिभागी और 800 से अधिक वक्ता शामिल हो रहे हैं।
इस मंच पर कई राष्ट्राध्यक्ष, नीति नियोजक, सैन्य अधिकारी, व्यापारिक नेता और विचारक उपस्थित रहेंगे।
रायसीना डायलॉग 2025 का विषय ‘कालचक्र: लोग, शांति और ग्रह’ रखा गया है।
इस विषय के तहत वैश्विक चुनौतियों के समाधान और सतत विकास पर जोर दिया जाएगा।
सम्मेलन में छह प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी, जिसमें प्रमुख वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने का प्रयास किया जाएगा।
यह डायलॉग भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संवाद मंचों में से एक बन चुका है।
इस मंच के माध्यम से वैश्विक मुद्दों पर संवाद को मजबूती मिल रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक सहयोग में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।


