झारखंड में पर्यटन और परिवहन को नई दिशा देने की तैयारी.
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में पर्यटन और परिवहन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने का निर्णय लिया है।
राज्य गठन के बाद पहली बार झारखंड सरकार ने अंतर्राज्यीय जलमार्ग प्राधिकरण बोर्ड और पथ परिवहन निगम की स्थापना की योजना बनाई है। इस पहल से राज्य में पर्यटन और परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि झारखंड की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए राज्य के पर्यटन और परिवहन को विकसित किया जाएगा। जलमार्ग प्राधिकरण के गठन से नदियों और जल स्रोतों का उपयोग परिवहन के रूप में किया जाएगा, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इसके अलावा, पथ परिवहन निगम के गठन से सड़क परिवहन को अधिक सुव्यवस्थित और सुलभ बनाया जाएगा।
जलमार्ग प्राधिकरण की भूमिका
जलमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से राज्य की प्रमुख नदियों जैसे दामोदर, स्वर्णरेखा और बराकर का उपयोग यात्री और माल परिवहन के लिए किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे सड़क परिवहन पर दबाव कम होगा और लोगों को वैकल्पिक और सुगम यातायात सुविधा मिलेगी। इसके तहत जलमार्ग के किनारे टर्मिनल, नाव संचालन केंद्र और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
पथ परिवहन निगम से लाभ
पथ परिवहन निगम के गठन से राज्य में बस सेवा को सुव्यवस्थित किया जाएगा। इसके तहत नई बस सेवाएं शुरू की जाएंगी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए नए मार्ग तैयार किए जाएंगे। साथ ही, बस अड्डों और स्टॉप की स्थिति में सुधार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर कोने को परिवहन सुविधा से जोड़ा जाए, जिससे लोगों को आवाजाही में आसानी हो।
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना से झारखंड में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर परिवहन व्यवस्था से प्रमुख पर्यटक स्थलों तक पहुंचना आसान होगा, जिससे राज्य में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
झारखंड सरकार का यह कदम राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि राज्य के आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी।



