
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस ने हरियाणा के प्रमुख नेता रणदीप सुरजेवाला को राजस्थान से उम्मीदवार बनाकर सभी को चौंका दिया है। वहीं, बीजेपी ने कैप्टन अभिमन्यु, राम बिलास शर्मा और ओम प्रकाश धनखड़ जैसे बड़े नेताओं को नजरअंदाज किया है।
हरियाणा विधानसभा की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बीजेपी और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलना तय माना जा रहा है। बीजेपी ने कृष्ण लाल पंवार को उम्मीदवार बनाकर दलित वोटरों को लुभाने की कोशिश की है। कांग्रेस ने राज्य के बाहर के नेता को चुनकर आंतरिक कलह से बचने का प्रयास किया है।
हरियाणा कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अधिकांश विधायकों का समर्थन प्राप्त है। हुड्डा गुट रणदीप सुरजेवाला को पसंद नहीं करता, इसलिए कांग्रेस ने अजय माकन को हरियाणा से राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस ने कुमारी शैलजा और कुलदीप बिश्नोई को एक बार फिर नजरअंदाज कर दिया है। इसका मतलब है कि अब हरियाणा में कांग्रेस की कमान पूरी तरह हुड्डा गुट के हाथों में है। हाल ही में हुड्डा के करीबी उदय भान को कुमारी शैलजा की जगह हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। इस फैसले से कुलदीप बिश्नोई नाराज हैं।
2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के बड़े नेता कैप्टन अभिमन्यु, राम बिलास शर्मा और ओम प्रकाश धनखड़ को हार का सामना करना पड़ा था। इन नेताओं को राज्यसभा जाने की उम्मीद थी, लेकिन बीजेपी ने कृष्ण लाल पंवार को उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया।
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 31 मई है। जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग 10 जून को चुनाव कराएगा।



