बबांग्लादेश घुसपैठ पर सत्तापक्ष-विपक्ष आमने-सामने, विधानसभा चुनाव में बनेगा बड़ा मुद्दा

**बांग्लादेशी घुसपैठ पर सत्तापक्ष-विपक्ष आमने-सामने, विधानसभा चुनाव में बनेगा प्रमुख मुद्दा**
*रांची*: झारखंड विधानसभा चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठ और एनआरसी लागू करने का मुद्दा जोर पकड़ता दिख रहा है। बीजेपी इस मुद्दे पर लगातार मुखर रही है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमशेदपुर जनसभा में दिए गए भाषण में झारखंड की बदलती डेमोग्राफी और बांग्लादेशी घुसपैठ का जिक्र होने के बाद यह तय हो गया है कि आगामी चुनावों में बीजेपी इसे प्रमुखता से उठाएगी।
बीजेपी के विधानसभा चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान और सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा भी इस मुद्दे पर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार को लगातार घेर रहे हैं। बीजेपी की परिवर्तन यात्रा के दौरान इसे जनता के बीच ले जाने का फैसला किया गया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय चौरसिया ने कहा, “यह हमारा प्रमुख मुद्दा है, और बीजेपी राष्ट्रवाद के सवाल पर हमेशा मुखर रही है।”
**जेएमएम का पलटवार**
जेएमएम ने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर बीजेपी को जवाब देने के लिए सरना धर्म कोड को प्रमुखता से उठाने की योजना बनाई है। जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि बीजेपी द्वारा गुजरात और असम का एजेंडा झारखंड में नहीं चलेगा और 2019 की तरह ही जनता इसे ठुकरा देगी। साथ ही, उन्होंने सरना धर्म कोड पर केंद्र की चुप्पी और राज्य सरकार द्वारा पिछड़ों के आरक्षण बढ़ाने के प्रस्ताव को रोके जाने की आलोचना की।
**विधानसभा चुनाव तक छाया रहेगा मुद्दा**
विपक्ष ने भी आरोप लगाया है कि हेमंत सोरेन को जानबूझकर जेल भेजने की कोशिश की जा रही है। बहरहाल, बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा है, और यह तय है कि यह आगामी विधानसभा चुनाव तक छाया रहेगा।



