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सिर्फ कमल क्‍यों, मोर और बाघ क्‍यों नहीं? संसद कर्मचारियों की नई यूनिफॉर्म पर फिर बवाल हो रहा है तैयार!

सत्‍तारूढ़ बीजेपी और विपक्ष के बीच एक और नए बवाल के लिए कमर कस लीजिए। इस बार ये संसद के कर्मचारियों के ड्रेस कोड को लेकर होने वाला है। संसद भवन के कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म को बदलने का फैसला लिया गया है। नई संसद में एंट्री के साथ ही यहां काम करने वाले इम्‍प्‍लॉयीज की ड्रेस भी बदलेगी। इसमें भारतीय परंपरा की झलक दिखाई देगी। महिला और पुरुष कर्मचारियों की यूनिफॉर्म अलग-अलग होगी। महिलाएं साड़ी तो पुरुष कमल के लोगो वाली पैंट-शर्ट पहनेंगे। यूनिफॉर्म में सिर्फ कमल के इस्‍तेमाल पर विपक्ष ने आपत्ति जाहिर की है। मुख्‍य विपक्षी दल कांग्रेस ने बीजेपी पर अपने पार्टी चिन्‍ह को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि जी20 सम्‍मेलन के लोगो के डिजाइन में भी जानबूझकर कमल का इस्‍तेमाल इसी मकसद से किया गया। अब संसद के कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में भी वह ऐसा ही प्रयोग कर रही है। उसने पूछा है कि सिर्फ कमल ही क्‍यों, मोर और चीता क्‍यों नहीं।

व‍िपक्ष ने लगाया बीजेपी पर आरोप
भारत की नई संसद बनकर तैयार है। खबरों के मुताबिक, नई संसद के कर्मचारियों की यूनिफॉर्म भी बदलेगी। मार्शल सफारी सूट के बजाय क्रीम रंग का कुर्ता और पायजामा पहनेंगे। अधिकारी क्रीम कलर की शर्ट पहनेंगे। इस पर गुलाबी रंग के कमल के फूल की प्रिंटिंग होगी। कर्मचारी शर्ट के ऊपर मेहरून स्‍लीवलेस जैकेट भी पहनेंगे। नीचे खाकी रंग की पैंट होगी। यूनिफॉर्म को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) ने डिजाइन किया है।

यूनिफॉर्म पर कमल का फूल प्रिंट होना विपक्ष को अखर गया है। इस पर राजनीतिक बखेड़ा खड़ा होता दिख रहा है। कमल सत्‍तारूढ़ बीजेपी का चुनाव चिन्‍ह है। यही कारण है कि इसे लेकर विपक्षी दलों खासतौर से कांग्रेस ने अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है।

कांग्रेस के सांसद ने क‍िया ट्वीट
कांग्रेस सांसद मणिक्‍कम टैगोर ने इसे लेकर एक ट्वीट किया है। उन्‍होंने सवाल किया है कि आखिर सिर्फ कमल ही क्‍यों? मोर और चीता क्‍यों नहीं? शायद इसलिए कि ये बीजेपी के चुनाव चिन्‍ह नहीं हैं। उन्‍होंने बीजेपी पर नए संसद भवन पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया। कांग्रेस सासंद ने कहा कि इसके जरिये पार्टी अपने चुनाव चिन्‍ह को बढ़ावा देना चाहती है। इसी मकसद से बीजेपी जी20 शिखर सम्‍मेलन के लोगो में भी कमल का इस्‍तेमाल किया। उन्‍होंने दावा किया कि बीजेपी बहुत निचले स्‍तर की राजनीति करने पर आमादा हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई को नई संसद का शुभारंभ किया था। तभी से नई यूनिफॉर्म को पहना जाना था। यह और बात है कि कुछ कारणों इसमें देरी हुई। अब 18 सितंबर को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह सत्र पुराने भवन में शुरू होगा। फिर उसके अगले दिन से संसदीय कार्यवाही नए संसद भवन से चलेगी।

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