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मंत्रालय ने मुझसे मांगा था इस्तीफा…, गुजरात के पहले एम्स अध्यक्ष की दो ही दिन में विदाई, कौन हैं वल्लभ कथीरिया

गुजरात बीजेपी अंदरुनी खींचतान की चर्चाओं के बीच पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. वल्लभ कथीरिया (Vallabh kathiriya) का इस्तीफा सामने आया है। कथीरिया (Vallabh Kathiriya) को गुजरात के राजकोट में बनकर तैयार हो रहे पहले एम्स का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन नियुक्ति के दो दिन बाद ही कथीरिया का इस्तीफा हो गया है। 14वीं लोकसभा में राजकोट से सांसद और अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे कथीरिया वर्तमान में राष्ट्रीय गो सेवा आयोग के चेयरमैन हैं। उन्हें सरकार ने अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन एकाएक इस्तीफे से राजनीति गरमा गई है। कथीरिया (Vallabh kathiriya) के इस्तीफे पर राजनीति गरमाने का बड़ा कारण यह है कि मनसुख मांडविया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हैं। वे भी गुजरात से हैं। ऐसे में चर्चा है कि कथीरिया की विदाई बीजेपी की अंदरुनी का खींचतान का परिणाम है।

कब क्या हुआ?
केंद्र सरकार ने 18 अगस्त को पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. वल्लभ कथीरिया (Vallabh kathiriya) को एम्स राजकोट (AIIMA Rajkot) का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने 20 अगस्त को कार्यभार ग्रहण कर लिया था। दो दिन बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके पीछे बीजेपी की अंदरुनी खींचतान को कारण माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय ने 25 अगस्त को कथीरिया का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। 1 सितंबर को कथीरिया के इस्तीफे के बाद सौराष्ट्र समेत गुजरात की राजनीति में चर्चा है कि किसी की भी कुर्सी सलामत नहीं है।

मुझसे मांगा गया था इस्तीफा
मीडिया से बात करते हुए डॉ. कथीरिया (Vallabh kathiriya) ने कहा कि मुझे मंत्रालय से फोन आया था इसमें इस्तीफा देने को कहा गया था। डॉ. कथीरिया ने मुस्कुराते हुए कहा कि मुझे अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। मैंने यह पद मांगा नहीं था। कथीरिया के इस्तीफे के पीछे कुछ तकनीकी कारणों का भी हवाला दिया जा रहा है हालांकि अभी तक कोई कारण सामने नहीं आया है। 30 नवंबर, 1954 को जन्में 68 वर्षीय वल्लभ कथीरिया राजकोट में रहते हैं। वे लंबे समय से बीजेपी के सदस्य हैं। वह पूर्व में एक बार सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। कथीरिया पहले गौ सेवा आयोग के प्रमुख थे। 2019 में उन्हें सरकार ने राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (RKA) का चेयरमैन बनाया था। सौराष्ट्र भाजपा डाॅ. वल्लभ कथीरिया एक बड़ा नाम माना जाता है।

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