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दवा कंपनियों से ‘फायदा’ लेने वाले डॉक्‍टर्स का लाइसेंस होगा सस्पेंड, नैशनल मेडिकल कमिशन की गाइडलाइंस पढ़‍िए

मेडिकल कॉन्‍फ्रेंस के बहाने पांच-सितारा होटलों में कॉकटेल डिनर अब गुजरे जमाने की बात हो सकती है। नैशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने डॉक्‍टर्स के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। डॉक्‍टर्स किसी ऐसे सेमिनार, वर्कशॉप या कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हो जाएंगे जिन्हें फार्मा कंपनियों या संबंधित हेल्थ सेक्टर ने डायरेक्ट या इनडायरेक्ट स्पांसर किया हो। इन नियमों के उल्लंघन पर डॉक्टरों का लाइसेंस तीन महीने तक के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। NMC के नए प्रफेशनल कंडक्‍ट रेगुलेशंस की धारा 35 में डॉक्टरों और उनके परिवार को फार्म कंपनियों या उनके प्रतिनिधियों से कंसल्टेंसी फीस या हॉनरेरियम लेने पर भी बैन लगा दिया गया है। नए नियमों के तहत, डॉक्टरों के लिए जेनेरिक दवाएं लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इसका विरोध किया है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को इस संबंध में एक बैठक बुलाई है। समझ‍िए, डॉक्टरों पर दवा कंपनियों के प्रभाव को कम करने के लिए क्‍या-क्‍या नियम बनाए गए हैं।

डॉक्टरों की सुविधा शुल्क से होने वाली कमाई बंद!

  • नए नियम डॉक्टरों को ‘किसी भी बहाने से व्यावसायिक हेल्‍थकेयर प्रतिष्ठानों, चिकित्सा उपकरण कंपनियों, या कॉर्पोरेट अस्पतालों’ से कंसल्टेंसी फीस या मानदेय लेने से भी रोकते हैं।
  • मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) ने 2010 में डॉक्टरों और उनके परिवारों के दवा कंपनियों से गिफ्ट, ट्रेवल सुविधाएं या हॉस्पिटैलिटी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद दवा कंपनियों ने कई डॉक्टरों के साथ कॉन्‍ट्रैक्‍ट कर लिया कि वे लेक्‍चर देंगे और वर्कशॉप कराएंगे। डॉक्‍टर्स यह इनकम घोषित कर देते थे।
  • कई कॉरपोरेट अस्पतालों ने भी मरीजों को भेजने के लिए डॉक्टरों के साथ अनुबंध किया और उन्हें ‘सुविधा शुल्क’ बताकर इसके लिए भुगतान किया।
  • कई डॉक्टरों ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस उपकरण कंपनियों के साथ इन ‘कंसल्टेंसी’ के माध्यम से और ऐसी ‘फैसिलिटेशन’ फीस के माध्यम से अपनी सैलरी से ज्यादा कमाई की।
  • ऐसा लगता है नए नियम ने इस खामी को दूर कर दिया है। डॉक्टर अब इन कॉमर्शियल संस्थाओं से केवल इन संगठनों के कर्मचारियों के रूप में वेतन और लाभ के रूप में पैसा पा सकते हैं।
  • नए नियमों में डॉक्‍टर्स से हितों क टकराव का ध्यान रखने को कहा गया है।​

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