कलावती की किस्मत तो बदल गई, मगर कुशीनगर की सोनकेशिया का क्या होगा, जिसे इंदिरा गांधी ने गोद लिया था
बात साल 1980 की है। कुशीनगर के नारायणपुर गांव (तत्कालीन देवरिया जिले में) एक बस हादसे में बसरकलिया नाम की एक दलित महिला की मौत हो गई। बसरकलिया अपने एक 8 साल के पोते जयप्रकाश और 6 साल की पोती सोनकेशिया के साथ रहती थी। उसके इकलौते बेटे की मौत हो गई थी और बहू घर छोड़कर चली गई थी। बसरकलिया की मौत के बाद इलाके के लोग भड़क गए। जमकर बवाल हुआ। पीएसी तैनात कर दी गई। पीएसी ने लोगों का विरोध तो शांत कर दिया लेकिन अगले ही दिन गांव की कई दलित महिलाओं ने यह आरोप लगाकर सनसनी फैला दी कि पीएसी के जवानों ने उनके साथ गैंगरेप किया है। इस आरोप से राज्य से लेकर केंद्र की सत्ता तक हड़कंप मच गया। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पीड़ित लोगों से मिलने के लिए नारायणपुर आने का ऐलान कर दिया। वह यहां आईं और बसरकलिया के नातियों से भी मिलीं। उन्होंने अनाथ हो चुकी सोनकली को गोद ले लिया।
कलावती पर बहस
दूसरी कहानी साल 2008 की है। इंदिरा गांधी के नाती राहुल गांधी ने संसद में एक डिबेट के दौरान महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके की रहने वाली कलावती की कहानी सुनाई। कलावती बांदुरकर यवतमाल के जालका गांव की रहने वाली हैं। उनके पति ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। कलावती के पति ने जब आत्महत्या की थी तब उन पर 7 बेटियों और 2 बेटों के पालन-पोषण का जिम्मा था। इसी दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की थी। यह ऐसी मुलाकात थी, जिसने कलावती की जिंदगी बदल दी। देश भर से लोग कलावती की मदद को आगे आने लगे। खुद कलावती ने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें तीन लाख रुपये का चेक दिया था।
सुलभ इंटरनेशनल की ओर से कलावती के नाम सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में एफडी जमा की गई। इससे उन्हें 25 हजार रुपये हर महीने ब्याज मिलने लगा। कलावती को इससे अपने बच्चों को पढ़ाने में मदद मिली। राहुल गांधी से मुलाकात से पहले कलावती झोपड़ी में रहा करती थीं लेकिन इस मुलाकात के बाद उनके पास अपना पक्का घर हो गया। उनके यहां बिजली और पानी के कनेक्शन भी लगे। 14 साल बाद एक बार फिर से कलावती चर्चा में हैं। हाल ही में वह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के महाराष्ट्र में पहुंचने पर उनसे मिली थीं। उन्होंने फूलों का गुलदस्ता देते हुए राहुल को थैंक्यू भी कहा था।
इस बीच सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए अमित शाह ने एक ऐसा दावा किया कि एक बार फिर से कलावती की चर्चा तेज हो गई। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी कलावती के घर भोजन करने गए थे और फिर इसके बाद उनका कोई हालचाल नहीं लिया। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कलावती को सबकुछ मुहैया कराया। शाह ने कहा, ‘एक गरीब मां कलावती के घर वो नेता (राहुल गांधी) भोजन करने गए। यहीं पीछे बैठकर गरीबी का दारुन वर्णन किया। बाद में इनकी सरकार 6 साल चली मैं पूछना चाहता हूं कि उस कलावती का क्या किया? वो कलावती को घर, बिजली, गैस, शौचालय, अनाज, स्वास्थ्य ये सब देने का काम नरेंद्र मोदी ने किया।’




