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घने जंगल के बंकर में रहता था इनामी नक्सली मिसिर बेसरा, सुरक्षा में रॉकेट लांचर और तीर बम के साथ दस्ते की तैनाती

नक्सली संगठन भाकपा-माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य मिसिर बेसरा सारंडा के घने जंगल में एक बड़े बंकर में रहता था। एक करोड़ के इनामी नक्सली के सुरक्षा घेरे और बंकर में मौजूद हथियार और विस्फोटक सामग्रियों को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। मिसिर बेसरा की सुरक्षा इतनी तगड़ी थी कि उसकी अनुमति के बिना उस इलाके में किसी का भी प्रवेश संभव नहीं था। यही कारण है कि इलाके में क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के लिए निकले सुरक्षा बल के जवान अक्सर लैंड माइंस की चपेट में आ जाते थे। वहीं बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना में कई ग्रामीणों की भी मौत हो गई और घायल होने वालों की संख्या दर्जनों में हैं।

रॉकेट लांचर और तीर बम समेत कई हथियार बरामद

पुलिस प्रवक्ता और आईजी एवी होमकर ने रांची में शुक्रवार को बताया कि नक्सलियों का मुख्य कमांडर मिसिर बेसरा हमेशा एक सुरक्षा घेरे में रहता है। उन्होंने बताया कि झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस बल के जवान लगातार तीन दिनों से टोंटो और गोइलकेरा इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इस दौरान जंगल में एक स्थान से काफी मात्रा में बारूद और विस्फोटक बरामद किया गया। इसमें रॉकेट लॉंचर और तीर बम समेत कई हथियार शामिल है। सुरक्षा बलों ने मिसिर बेसरा के लिए घने जंगल में बनाए गए बंकर को भी ध्वस्त कर दिया गया। बंकर की लंबाई 50 फीट और चौड़ाई 25 फीट थी, जिसे सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया।

मिसिर बेसरा की टीम के साथ सुरक्षा बलों की पहली मुठभेड़

आईजी एवी होमकर ने बताया कि शीर्ष माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा की टीम के साथ सुरक्षा बलों की पहली बार मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहे। पुलिस इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है।

मिसिर बेसरा कभी सामने नहीं आता

पुलिस के अनुसार मिसिर बेसरा कभी सामने नहीं आता था। वो हमेशा सुरक्षा घेरा में रहता था। बेस कैंप में जिस जगह मिसिर बेसरा रहता था, उसके चारों ओर लैंड माइंस बिछी रहती थी। सुरक्षा बल के जवान इलाके में पिछले चार वर्षाें से लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन पहली बार सीआरपीएफ के सहयोग से पुलिस मिसिर बेसरा के बेस कैंप तक पहुंची।

कई बड़े माओवादी नेताओं को घेरने की कोशिश

सुरक्षा बल के जवान मिसिर बेसरा के अलावा कई बड़े माओवादी नेताओं को घेरने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस को ऐसी सूचना मिली है कि इलाके में मिसिर बेसरा के अलावा पतिराम मांझी और असीम मंडल जैसे बड़े नेता भी मौजूद है।

नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान शहीद

पश्चिमी सिंहभूम जिले में शुक्रवार सुबह सीआरपीएफ की 60वीं बटालियन के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में कांस्टेबल सुशांत और हवलदार मुन्ना को गोली लगी। इनमें से सुशांत ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हवलदार मुन्ना को सीने में गोली लगी है। उनकी भी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

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