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‘गुपचुप मिल रहे हो जरूर कोई बात है’, JDU के पूर्व सांसदों और विधायकों से नीतीश की मुलाकात के मायने समझिए

मेरी नीतीश के लिए यही सलाह है कि वह बैठक में भाग लेने से दूर रहें। ऐसा लगता है कि वह उस खेमे में खुश नहीं हैं। वह उपनाम ‘इंडिया’ से नाखुश थे, लेकिन राहुल गांधी भारी पड़े। ये बयान है रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास आठवले का। पटना पहुंचे अठावले ने प्रधानमंत्री से नीतीश कुमार के अच्छे संबंधों के बाद भी जेडीयू के एनडीए से निकलने पर अफसोस जताया। अठावले ने नीतीश कुमार को अगले महीने होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में भाग नहीं लेने की सलाह दी। अठावले के इस बयान के मायने अभी निकाले जा रहे थे कि पटना में नीतीश कुमार के एक एक्शन ने सबका ध्यान खींच लिया है। ये एक ऐसा सियासी एक्शन है जिसे सियासी जानकार काफी महत्वपूर्ण बता रहे हैं।

अठावले के बयान के मायने

गैर भाजपा दलों के गठबंधन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) की मुंबई में अगले महीने बैठक होने की संभावना है। ध्यान रहे कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में आठवले के साथ नीतीश भी केंद्रीय मंत्री थे। अठावले के बयान को आप हल्के में नहीं ले सकते। उधर नीतीश कुमार के एक्शन को भी नजरअंदाज नहीं कर सकते। नीतीश कुमार लगातार जेडीयू के पूर्व विधायकों और सांसदों से एक-एक कर मुलाकात कर रहे हैं। अंदर की बात मानें, तो बाहर आकर ये नेता कुछ नहीं बोल रहे हैं। किसी से कुछ कह भी रहे हैं तो इसे औपचारिक मुलाकात बता रहे हैं। सियासी जानकार मानकर चल रहे हैं कि नीतीश कुमार इन दिनों जेडीयू नेताओं के मिजाज को टटोल रहे हैं। सवाल उठता है कि किस संदर्भ में नीतीश कुमार जेडीयू नेताओं के मन टटोल रहे हैं।

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