तमिलनाडु के रामेश्वरम तट से मछली पकड़ने निकले 47 भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने रातों-रात पकड़ लिया। इन मछुआरों पर समुद्री सीमा लांघकर अवैध रूप से मछली पकड़ने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद स्थानीय मछुआरा समुदाय में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार शाम रामेश्वरम के बंदरगाह से करीब 300 नौकाएँ मछली पकड़ने के लिए निकली थीं।
जानकारी के मुताबिक, जब कुछ मछुआरे धनुषकोडी और थलाईमन्नार के बीच समुद्री क्षेत्र में मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना ने कार्रवाई करते हुए 30 मछुआरों को बंदूक की नोक पर गिरफ्तार कर लिया। उनके चार मोटरबोट भी जब्त कर लिए गए। गिरफ्तार मछुआरों को बाद में मन्नार नौसैनिक शिविर में ले जाया गया। इसके अतिरिक्त, श्रीलंकाई नौसेना ने नेदुंथेवु के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में 17 और मछुआरों को भी पकड़ लिया और उनकी एक नाव जब्त कर ली।
इस कार्रवाई से तमिलनाडु के मछुआरों में भय का माहौल फैल गया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक बार फिर केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर कहा कि श्रीलंकाई नौसेना की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं का उल्लंघन है। डीएमके और अन्य दलों ने फिर से कच्चातिवू द्वीप को भारत में पुनः शामिल करने की मांग दोहराई है। राज्य विधानसभा ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा है।


