रामनगर, उत्तराखंड: विश्व हाथी दिवस (World Elephant Day) के मौके पर उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से एक अच्छी खबर सामने आई है। पार्क में हाथियों की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि उचित संरक्षण उपायों से कितना बड़ा बदलाव आ सकता है।
कॉर्बेट, जो अक्सर अपने बाघों के लिए जाना जाता है, अब हाथियों के संरक्षण का भी एक सफल उदाहरण बन गया है। यहां की परिस्थितियां और सुरक्षित वातावरण हाथियों के लिए आदर्श है। हालांकि, इस वृद्धि के साथ ही एक नई चिंता भी सामने आई है। पार्क के आसपास मानवीय गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जो इन विशाल जानवरों के लिए खतरा पैदा कर रही हैं।
मानव बस्तियों के विस्तार, जंगल की कटाई और अवैध अतिक्रमण के कारण हाथियों का प्राकृतिक गलियारा (corridor) बाधित हो रहा है। इससे मानव-हाथी संघर्ष (human-elephant conflict) की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। वन अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के बीच समन्वय की कमी भी एक बड़ी चुनौती है। इन चुनौतियों के बावजूद, कॉर्बेट में हाथियों की बढ़ती आबादी एक सकारात्मक संकेत है।


