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नीतीश के मन में क्या चल रहा, अचानक क्यों पहुंचे ललन सिंह के घर? बिहार में चढ़ने लगा सियासी पारा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह से क्या मिले बिहार का राजनीतिक ग्राफ अचानक से बढ़ गया। इसकी वजह भी थी कि आमतौर पर बड़े से बड़े कद्दावर नेता नीतीश कुमार से मिलने का समय लेते हैं। उनकी इजाजत के बगैर, कुछ जदयू नेताओं को छोड़ कर, कोई नहीं मिल सकता। ललन सिंह इसमें से एक जरूर हैं। पर खुद सीएम नीतीश कुमार का ललन सिंह के यहां जाना किसी गंभीर मसले की तरफ इशारा जरूर कर रहा है। जिस तरह से देश में राजनीतिक स्थिति लगातार बदल रही है, उस परिस्थिति में यह मुलाकात औपचारिक तो नहीं हो सकती।

क्यों गए ललन सिंह के आवास?

सीएम नीतीश कुमार जेडीयू अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के बोरिंग केनाल रोड स्थित निजी आवास पर जब अचानक पहुंचे तो वहां अफरातफरी मच गई। वहां कोई इसके लिए तैयार नहीं था। मुख्यमंत्री ललन सिंह के यहां पहले भी गए हैं। सो, वो सीधे ललन सिंह के कक्ष में गए। मुलाकात कुछ मिनटों की हुई पर राजनीतिक जगत में इस मुलाकात के मायने निकाले जाने लगे। कयास यह लगाए जा रहे है कि नीतीश कुमार जेडीयू और राजद का मर्जर प्लान ले कर गए थे। यह वही प्लान है जिसके कारण उपेंद्र कुशवाहा को जदयू छोड़ना पड़ा। इस मर्जर प्लान के समर्थन में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी नही हैं। शायद उन्हें मनाने गए हों। चर्चा तो इस बात की भी हो रही है कि तेजस्वी यादव की ताजपोशी होनी तय है। इस प्रस्ताव में ललन सिंह डिप्टी सी एम बन सकते हैं। शायद इसकी भी सहमति लेने गए हों। एक तीसरी बात भी सामने आ रही है कि इन दिनों उनका आरजेडी नेताओं के साथ उठना बैठना ज्यादा हो रहा है। ऐसे में एक संदेह ललन सिंह की राजनीति की तरफ भी उठता है। वैसे भी कई मसलों पर नीतीश कुमार से ललन सिंह की नाराजगी की खबर आती रही है।

नीतीश कुमार और ललन सिंह के बीच किसी मुद्दे को मतभेद!

देशप्राण के संपादक वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी तो साफ कहते हैं कि नीतीश कुमार का ललन सिंह के यहां जाना यह बताता है कि नीतीश और ललन सिंह में किसी मुद्दे को ले कर गहरा मतभेद है। यह जेडीयू और राजद के बीच मर्जर का भी हो सकता है। यह भी हो सकता है कि ललन सिंह अभी के हालात में तेजस्वी यादव को सीएम के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हो। ललन सिंह ऐसे भी जिद्दी नेताओं में शुमार किए जाते हैं। इसलिए सीएम को उनके निजी आवास पर जाना पड़ा।

जेडीयू में जल्द ही होगी बड़ी टूट!

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल तो कह रहे है के जल्द ही जदयू में भारी टूट होगी। जदयू के 60 फीसदी नेता-कार्यकर्ता भाजपा और 40 प्रतिशत राजद में शामिल होने की तैयारी में हैं। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन जाएं और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्य के उप मुख्यमंत्री बन जाएं, यह भी संभव है।

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