बंगाल पंचायत चुनाव में TMC को हराने के लिए राम, वाम, श्याम एक साथ आए, ममता ने बीजेपी, कांग्रेस, लेफ्ट पर किया कटाक्ष
पश्चिम बंगाल के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में विपक्षी खेमा तृणमूल कांग्रेस की नई लहर में लगभग बह गया। हालांकि पंचायतों में बड़े नतीजों के बावजूद तृणमूल कांग्रेस आलोचनाओं से घिरी हुई है। ऐसे में पंचायत चुनाव में हुई हिंसा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने सारे लोग मारे गए। 19 लोगों की मृत्यु हुई है उन्हें 2 लाख मुआवजा और विशेष होम गार्ड की नौकरी दी जाएगी। इनमें TMC के भी 10 लोग शामिल हैं। हम किसी पार्टी के रंग देखकर सहायता प्रदान नहीं करेंगे। जिनकी मृत्यु हुई है उन्हें सरकार की ओर से मुआवजा और नौकरी दी जाएगी।
बीजेपी, कांग्रेस, सीपीआई-एम ने TMC के खिलाफ किया काम
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि बीजेपी, कांग्रेस और सीपीआई-एम ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ एक साथ मिलकर काम किया है। उन्होंने पूछा कि पंचायत चुनाव के दौरान राम, वाम (वामपंथी) और श्याम (कांग्रेस) की तिकड़ी हमें नुकसान पहुंचाने के लिए एक साथ आई थी। वे मणिपुर क्यों नहीं जा सकते, जहां इतने दिनों से हिंसा जारी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों को केवल टीएमसी को परेशान करने के लिए राज्य में भेजा गया था।
पंचायत चुनाव पर क्या बोलीं ममता
पंचायत चुनाव पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पंचायत चुनाव खत्म हो गए हैं। यह चुनाव बैलेट बॉक्स के जरिए होते हैं। यहां जो प्रीसाइडिंग ऑफिसर-काउंटिंग एजेंट होते हैं इन्हें पहले से ट्रेनिंग दी जाती है लेकिन इसके लिए भी हम ज़िम्मेदार हैं विपक्ष नहीं? तृणमूल कांग्रेस के कई सीटों पर मतदान नहीं हो पाए लेकिन इसके लिए हमने हमारे कार्यकर्ताओं-नेताओं को किसी प्रकार का विरोध या प्रदर्शन नहीं करने के निर्देश दिए। विधानसभा के चुनाव सेंट्रल फोर्स की निगरानी में हुए थे। यह चुनाव भी सेंट्रल फोर्स की निगरानी में हुए।
हमने कोर्ट के आदेश का पालन किया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 71,000 बूथों पर चुनाव हुए, घटना कितने इलाकों में हुई? लगभग 60 बूथों में गड़बड़ी की गई। कहीं पर बैलेट बॉक्स में पानी भी डाला गया। मुझे पता है यह सीपीएम कार्यकर्ता ने किया। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? हमने कोर्ट के आदेश का पालन किया। केंद्रीय बल भेजा गया और हमने उसे स्वीकार किया।




