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हाजिरी लगाने वाले शिक्षक महोदय से मिलिए, नौकरी बचाने के लिए किराए पर रखी लेडी टीचर

आपने संविदा पर नौकरी और मकान को किराए पर देने के बारे में सुना होगा। लेकिन कर्नाटक के कलबुर्गी में तो सरकारी प्राइमरी के टीचर ने अपनी नौकरी चलाने के लिए एक महिला को किराए पर पढ़ाने के लिए रख लिया। बताया जा रहा है कि टीचर ने कथित तौर पर कक्षाएं संचालित करने के लिए महिला को 6000 रुपए की महीने की नौकरी पर रखा था। मामला संज्ञान में आने पर विचाराधीन शिक्षक ने वापसी का वादा किया है, लेकिन जिले के शिक्षा अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने की कसम खा ली है।

हफ्ते में दो बार हाजिरी लगाने आते थे टीचर

टीचर महेंद्रकुमार पर आरोप है कि वह सप्ताह में केवल दो बार उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के लिए स्कूल आते थे। वाडी के पास बालिनायक टांडा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में 25 छात्र और दो शिक्षक हैं। महेंद्रकुमार के अलावा संस्थान में एकमात्र अन्य शिक्षक प्रिंसिपल अय्यप्पा गुंडागुरथी हैं। जानकारी के मुताबिक, नाराज अभिभावकों ने महेंद्रकुमार के लगातार नदारद रहने के संबंध में स्कूल के हेडमास्टर से कई बार शिकायतें की थीं। लेकिन फिर भी शिक्षक पर कार्रवाई न होने के चलते कोई सुधार नहीं दिखा। प्रिंसिपल के मुताबिक, जब वे सार्वजनिक निर्देश (डीडीपीआई) के उप निदेशक के साथ इस मामले को बढ़ाने वाले थे, तो महेंद्रकुमार ने अपनी ओर से पढ़ाने के लिए महिला को नौकरी पर रख लिया।

महिला ने कबूली बात

हमारे सहयोगी टीओआई ने जब स्कूल का दौरा किया, तो एक महिला को कक्षाएं संचालित करते देखा गया। वहीं इस बार में पूछताछ पर महिला ने स्वीकार किया कि वह सरकारी शिक्षिका नहीं थी। महिला ने बताया कि उसकी सेवाओं के लिए टीचर महेंद्रकुमार हर महीने उसे 6,000 रुपए का भुगतान करते हैं। डीडीपीआई सकरेप्पागौड़ा बिरादर ने कहा कि, ‘शिक्षक के रूप में दूसरे व्यक्ति को नियुक्त करना अपराध है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

आरोपी टीचर ने दी सफाई

आरोपी टीचर महेंद्रकुमार ने अपने ऊपर कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया कि वह एक बीमारी के कारण लंबी छुट्टी पर थे। लेकिन जब उन्होंने देखा कि बच्चों के माता पिता उनकी लंबी अनुपस्थिति पर ऐतराज कर रहे हैं तो फिर अपनी ओर से पढ़ाने के लिए किसी और को नियुक्त करने का फैसला किया। महेंद्रकुमार ने आगे से नियमित रूप से कक्षाओं में पढ़ाने का वादा किया, लेकिन क्या यह उन्हें अपनी नौकरी को बचाने के लिए पर्याप्त होगा?

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