अदालत ने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में अत्यधिक देरी हुई है और यह अंडरट्रायल व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंडरट्रायल व्यक्ति के जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी को इस तरह से कई वर्षों तक जेल में रखना कैसे संभव है, जबकि मुकदमा लंबित है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले में तेजी से कार्यवाही करनी चाहिए और अंडरट्रायल व्यक्ति को जल्द से जल्द मुकदमे का सामना करने का मौका देना चाहिए।
अंडरट्रायल व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वह आठ साल से जेल में है और उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर मुकदमे को लंबा खींच रही है ताकि उन्हें जेल में रखा जा सके।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो वह इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगी।



