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मुख्तार और अफजाल अंसारी पर गैंगस्टर केस में फैसला थोड़ी देर में, कोर्ट परिसर में बढ़ी हलचल

गाजीपुर: पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) और भाई बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) के लिए शनिवार का दिन बड़ा होने वाला है। गैंगस्टर के मामले में गाजीपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाएगी। गैंगस्टर के मामले में 2 साल से ज्यादा की सजा होने पर अफजाल अंसारी की संसद सदस्यता खत्म हो सकती है। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में दर्ज केस के आधार पर अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज हुआ था। वहीं, मुख्तार अंसारी के खिलाफ भाजपा विधायक कृष्णानंद राय और नंदकिशोर गुप्ता रुंगटा की हत्या के मामले में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। दोनों भाईयों के खिलाफ मुहम्मदाबाद थाने में 2007 में क्राइम नंबर 1051 और 1052 दर्ज हुआ था। यहां जानिए इस फैसले से जुड़े अपडेट:

थोड़ी देर में कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। इससे पहले भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय का बयान सामने आया है। उन्‍होंने कहा कि मैं न्यायपालिका में विश्वास करती हूं। गुंडों, माफियाओं का शासन (राज) खत्म हो गया है। ये या तो जेल में रहेंगे, नहीं तो ऊपर चले जाएंगे। दूसरी ओर, अफजाल अंसारी कोर्ट पहुंच गए हैं और मुख्तार अंसारी वर्चुअल पेशी पर हाजिर होंगे।

– बांदा जेल में बंद मुख्‍तार अंसारी जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी में शामिल होगा। वहीं उसका भाई अफजाल अंसारी कोर्ट में पहुंच चुके हैं। कोर्ट परिसर में हलचल बढ़ गई है। थोड़ी देर में एमपी/एमएलए कोर्ट का फैसला आने वाला है।

– फैसले के मद्देनजर गाजीपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में सुरक्षा व्‍यवस्‍था चाकचौबंद है। हर गेट पर सुरक्षाकर्मी चौकस नजर आ रहे हैं। कोर्ट में अंदर आने वालों को पूरी तलाशी के बाद ही जाने दिया जा रहा है। 15 साल बाद आने जा रहे इस फैसले पर सबकी नजर है। पहले यह फैसला 15 अप्रैल को ही आने वाला था पर बाद में डेट बढ़ा दी गई थी।

– 2019 में अफजाल अंसारी गवाहों के मुकर जाने के चलते कृष्णानंद राय हत्या के मामले में बरी हो चुके हैं। जबकि मुख्तार अंसारी कृष्णानंद राय और नंदकिशोर रुंगटा दोनों ही हत्याकांड में बरी हो गया था। दोनों भाई गवाहों के अपने बयान से मुकर जाने के चलते बरी हुए थे।

15 साल पुराना है मामला

कृष्णानंद राय की 2005 में हुई हत्या के मामले में 2019 में कोर्ट ने दोनों भाइयों को बरी कर दिया था। जबकि नंदकिशोर रूंगटा की हुई हत्या के मामले में 2001 में मुख्तार अंसारी बरी हो गया था।

गवाहों के मुकरने से बढ़ी मुश्किलें

इसके बावजूद गैंगस्टर केस में मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि कोर्ट गवाहों के मुकरने की वजह से बरी होने के आधार पर कड़ा फैसला सुना सकती है।

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