शहर की एक त्रासदी…. दरकती दीवार, धसती जमीन, फटती सड़क

उत्तराखंड लैंडस्लाइड जोशीमठ के कई इलाकों में दरकती दीवारें धसती जमीन की वजह से लोग सदमे में जीने को विवश हैं. जिन्होंने खुद के घर में रह रहे हैं. उन्हें पूरी रात-रात नींद नहीं आती और जिनके घरों में दरारे पढ़ चुकी है या जमीन का कुछ हिस्सा धंस गया है. वह अपना घर छोड़ने का प्लान कर चुके हैं.
एक शहर जोशीमठ की दीवारें दरक रही है. जमीन भी धंस रही है .घरों को तोड़कर पानी बह रहा है. सवाल अब यह उठता है कि यह शहर पताल में मिलने वाला है. बद्रीनाथ धाम से लगभग 50 किलोमीटर दूरी पर जोशीमठ में सड़के फट रही है. कुदरत से खिलवाड़ बिना सोचे समझे निर्माण का खामियाजा यह शहर भुगत रहा है.
इस शहर में खतरे के घने बादल मंडराते जा रहे हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज बड़ी बैठक करके कोई रास्ता निकालने की कोशिश में है. वैसे सरकार के लिए पहली प्राथमिकता है लोगों को बचाना. जोशीमठ में जिंदगी का जोश कैसे बना रहे ये सबसे बड़ी चुनौती है.



