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पाकिस्तान में सियासी घमासान : अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले इस्लामाबाद में रेड अलर्ट; इमरान बोले- रविवार को बड़ा खुलासा करूंगा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार का घर जाना करीब-करीब तय हो गया है। हालांकि, इमरान और उनके मंत्री लगातार यही दावा कर रहे हैं कि सरकार को कोई खतरा नहीं है। इमरान ने एक इंटरव्यू में फिर नया दावा किया। कहा- मुल्क और दुनिया तैयार रहे। मैं रविवार को बड़ा खुलासा करूंगा।

दूसरी तरफ, ​​अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले नेशनल असेंबली की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी (ICT) से हर सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। वहीं इस्लामाबाद में भी सुरक्षा लिहाज से रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। विपक्ष के पीएम पद के उम्मीदवार शहबाज शरीफ की सुरक्षा में पुलिस कमांडो तैनात किए गए हैं।

प्रस्ताव पर वोट नहीं करेंगे PTI के बागी सांसद
अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए विपक्ष ने PTI के असंतुष्ट सांसदों के वोट नहीं डलवाने का फैसला किया है। विपक्ष के मुताबिक, उनके पास प्रस्ताव पारित करवाने के लिए पहले से ही जरूरी नंबर मौजूद हैं, इसलिए जब तक जरूरत नहीं होगी तब तक PTI के बागी सांसद वोट नहीं डालेंगे। मतदान की प्रक्रिया को लेकर सवालों से बचने के लिए ये फैसला किया गया है।

शहबाज को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे
इमरान खान के बेहद करीबी और कैबिनेट मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता शहबाज शरीफ पर तंज कसा है। चौधरी ने कहा- सपने देखने का हक तो हर किसी को है। अगर शहबाज शरीफ भी वजीर-ए-आजम बनने का ख्वाब पालकर बैठे हैं तो हम क्या कह सकते हैं। वो इतना जरूर ध्यान रखें हम किसी भी सूरत में उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे। आप देखेंगे कि चीजें कितनी तेजी से बदलती हैं।

फौज ने चुप्पी साधी
पाकिस्तान के कई जर्नलिस्ट्स ने पाकिस्तानी फौज के मीडिया विंग ISPR से संपर्क करने की कोशिश की। वो ये जानना चाहते थे कि मुल्क में जारी सियासी अफरातफरी पर फौज का ऑफिशियल स्टैंड क्या है। खास बात यह है कि फौज की तरफ से न तो कोई बयान जारी किया जा रहा और न ही उसके प्रवक्ता किसी तरह के सवालों के जवाब दे रहे। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि फौज वास्तव में न्यूट्रल हो गई है।

इमरान फिर रैली करेंगे
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इमरान खान एक बार फिर इस्लामाबाद में रैली करने जा रहे हैं। इस बार उन्होंने एक लाख लोगों को बुलाने का टारगेट रखा है। 27 मार्च को की गई रैली में उन्होंने 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन सिर्फ 45 हजार लोग ही पहुंचे। इनमें से भी ज्यादातर को पंजाब प्रांत से सरकारी बसों और ट्रेनों में भरकर लाया गया था।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इमरान कैबिनेट के कुछ मंत्री मुल्क छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इमरान के तीन करीबी पहले ही देश छोड़ चुके हैं। इनमें उनके चीफ सेक्रेटरी और एडवाइजर शामिल हैं।

Source : Dainik Bhaskar

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