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असुर और गैंग्स ऑफ वासेपुर देखकर बनाई लूट की योजना, 2 साल तक उद्यमी जैन दंपती के घरवालों की हर एक्टिविटी पर रखी नजर

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए जैन दंपती हत्याकांड और लूटकांड में लखनऊ से सीएम की फटकार के बाद पुलिस ने 48 घंटे में ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि असुर, गैंग्स ऑफ वासेपुर और मिर्जापुर वेब सीरीज देखकर उन्होंने इस लूट और हत्याकांड की योजना बनाई थी। पिछले 2 साल से वो डीके जैन के मकान की रेकी कर रहे थे।

लूटी रकम और जेवर आठ करोड़ के हैं

पुलिस 10 किमी के एरिया में 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगालते हुए आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों ने बताया कि वो लूट की रकम से कारोबार शुरू करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपराध का रास्ता चुना। यूट्यूब से तिजोरी काटना सीखा। लूट की नकदी और जेवर की कीमत करीब 8 करोड़ है।

कारोबारी के घर के नजदीक किराए ले रखा था मकान

SSP रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि पूरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी मेरठ प्रेमपुरी निवासी प्रियांक शर्मा उर्फ पारुष और यश शर्मा उर्फ यशु को अरेस्ट किया है। प्रियांक LLB का छात्र है। उसका दोस्त यश 8वीं पास है। वह इन दिनों बैट्री की दुकान पर नौकरी करता है। प्रियांक ने यश को योजना का हिस्सा बनाया। दोनों ने वारदात की है। यश मुख्य रूप से रोहटा रोड ढ़डरा गांव का रहने वाला है, लेकिन इस समय स्पोर्ट्स कारोबारी के घर से डेढ़ किमी दूर प्रेमपुरी में नवीन बंसल के मकान में किराए पर रह रहा था। दोनों ने लूट की रकम आधा-आधा बांटने की योजना बनी थी। दोनों ने इससे पहले कोई आपराधिक घटना नहीं की है।

ऐसे बनाई लूट और हत्या की योजना

एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया की आरोपियों ने असुर, गैंग्स ऑफ वासेपुर और मिर्जापुर वेब सीरीज देखकर घटना की योजना बनाई थी। 2020 में असुर वेब सीरीज का पार्ट वन आया था। उसे देखने के बाद से वो अपनी लूट की प्लानिंग करने लगे। घटना के लिए उन्होंने बाइक की नंबर प्लेट बदली, मुंह पर मास्क, हेलमेट लगाया। बाइक की नंबर प्लेट बदलने के लिए OLX पर बाइक के नंबर चेक किए। इसी मॉडल की बाइक का नंबर प्रयोग किया, ताकि ऐप पर चेक करने पर दूसरी बाइक दिखाई न दे।

यूट्यूब से सीख रहे थे तिजोरी काटना

आरोपियों ने बताया कि 2 साल से कारोबारी के घर की रेकी कर रहे थे। इलाके में उन्होंने तमाम घर छांटे, लेकिन कहीं भीड़, कहीं CCTV उनके काम में आड़े आ जाता। जब जैन के घर की रेकी की तो देखा कि आसपास CCTV नहीं लगा। घर सड़क पर होकर भी सुबह-सुबह इलाका सुनसान रहता है। सड़क से घर के अंदर बेडरूम तक दिखाई देता है, इसलिए दो साल तक आरोपियों ने मकान, फैक्ट्री, बच्चों के स्कूल से लेकर कंपनी बाग तक रेकी कर डाली। इतना ही नहीं तिजोरी कैसे काटी जाएगी, ये यूट्यूब से सीखा और 2022 में बागपत अड्डे के पास से ग्राइंडर खरीदकर रख लिया था। घटना के वक्त दोनों घर में घुसे, उसी तरह तिजोरी काटकर लूट कर ली।

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