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उदयनिधि स्टालिन जूनियर पॉलिटिशियन, ‘सनातन’ ​​के बारे में ऐसी बात नहीं करनी चाहिए थी… ममता बनर्जी की नसीहत

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म को खत्म करने की बात बड़ा मुद्दा बन गया है। इसका विपक्षी दलों के ‘इंड‍िया’ गठबंधन पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उदयनिधि स्टालिन के भाषण की निंदा की है। ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि किसी को भी ऐसे मामले में शामिल नहीं होना चाहिए। जिससे लोगों को ठेस पहुंच सकती हो। बनर्जी ने कहा कि हर धर्म से अलग-अलग भावनाएं जुड़ी होती हैं और भारत अनेकता में एकता का देश है।

दरअसल दो दिन पहले चेन्नै में आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए मंत्री उदयनिधि ने कहा था कि सनातन को खत्म कर देना चाहिए। दूसरे शब्दों में उन्‍होंने कहा क‍ि हम डेंगू और मलेरिया से नहीं लड़ सकते। हम केवल इसे खत्म कर सकते हैं। इसी तरह हमें सनातन को पूरी तरह से खत्म करना होगा। इस बयान के बाद बीजेपी उत्तरी राज्यों में प्रचार कर रही है कि उदयनिधि ने हिंदू लोगों को मारने की बात कही है। सनातन का एक अर्थ हिंदू धर्म भी है। इसलिए यह प्रचारित किया जा रहा है कि सनातन को मिटाने का मतलब हिंदुओं को मिटाना है। इससे इस वक्त उत्तरी राज्यों में भारी हंगामा मचा हुआ है।

उदयनिधि के सिर पर इनाम
बीजेपी नेता उदयनिधि के यह कहने पर आलोचना करने के लिए कठोर शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। साथ ही यूपी के एक प्रचारक ने ऐलान किया है कि उदयनिधि का सिर लाने वाले को 10 करोड़ का इनाम दिया जाएगा।

बेबाकी से बोलीं ममता
पूरे देश में जहां उदयनिधि के खिलाफ आलोचनाएं हो रही हैं। वहीं विपक्षी दलों के इंडिया अलायंस में शामिल पार्टियां यह कहकर किनारा कर चुकी हैं कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने इसे लेकर कुछ बेबाक टिप्पणी की है।

सनातन का सम्मान करें

ममता ने कहा क‍ि मैं तमिल लोगों, दक्षिणी राज्यों की पूरी जनता और एमके स्टालिन का बहुत सम्मान करती हूं। लेकिन मेरी उनसे केवल एक ही मांग है। भारत में सभी धर्मों में हर भावना है। भारत में कई धर्मों और जातियों के लिए जगह है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। लोकतांत्रिक देश है। इसलिए हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। मैं सनातन धर्म का सम्मान करती हूं। सनातन में कई पुजारी हैं जो भगवान की सेवा करते हैं। मैं उनका सम्मान करती हूं।

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