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पैनम कोल मामले की जांच अब एसीबी करेगी.

हाईकोर्ट ने पांच नवंबर तक रिपोर्ट देने का आदेश.

पाकुड़ जिले में पैनम कोल कंपनी से जुड़े कथित अवैध खनन मामले की जांच अब एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी करेगी। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में राज्य सरकार को एसीबी जांच कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने जांच पूरी कर पांच नवंबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है। हाईकोर्ट ने यह निर्देश मामले में अब तक हुई कार्रवाई से असंतुष्ट होने के बाद दिया है। मामला पैनम कोल माइंस से जुड़े कथित अवैध खनन और राजस्व नुकसान से संबंधित है। याचिका में सरकारी राजस्व को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया गया है। अदालत के निर्देश के बाद अब मामले की जांच एसीबी के स्तर से होगी। जांच के दौरान पुराने रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। एसीबी को मामले के तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी।

मामले में डिविजनल कमिश्नर, दुमका की 19 अक्टूबर 2015 की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। रिपोर्ट के आधार पर पाकुड़ के तत्कालीन उपायुक्त सुनील कुमार को केवल शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था। अदालत ने अब तक की कार्रवाई को पर्याप्त नहीं माना है। याचिका प्रार्थी अधिवक्ता राम सुभग सिंह की ओर से दायर की गई है। याचिका में पैनम कोल माइंस से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रार्थी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच पहले भी की जा चुकी है। जांच के बाद रिपोर्ट भी तैयार की गई थी। इसके बावजूद रिपोर्ट के आधार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप है। इसी बिंदु पर अदालत ने राज्य सरकार से कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अब एसीबी जांच के जरिए पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

याचिका के अनुसार वर्ष 2015 में पैनम कोल माइंस कंपनी को पाकुड़ और दुमका जिले में कोयला खनन का लीज मिला था। आरोप है कि खनन के दौरान रॉयल्टी मद में सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ। प्रार्थी का दावा है कि इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। मामले को लेकर पहले भी जांच की गई थी। हालांकि, जांच रिपोर्ट के आधार पर किसी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। हाईकोर्ट ने अब मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीबी जांच का निर्देश दिया है। राज्य सरकार को एसीबी के माध्यम से मामले की जांच कराने को कहा गया है। अदालत ने जांच की प्रगति और निष्कर्ष से संबंधित रिपोर्ट पांच नवंबर तक दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब एसीबी की जांच में कथित राजस्व नुकसान और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पैनम कोल मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है।

 

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