बिहार के भागलपुर में फ्लड फाइटिंग के दौरान गंगा नदी में एक नाव पलट गई। हादसे के समय नाव पर 22 मजदूर सवार थे। इनमें से 20 मजदूर तैरकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। वहीं दो मजदूरों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। दोनों लापता मजदूरों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सभी मजदूर गंगा नदी के कटाव को रोकने के काम में जुटे थे। नाव पर कटाव रोकने के लिए रेत की बोरियां भी लदी थीं। हादसा नवगछिया के खरीक प्रखंड स्थित राघोपुर तटबंध के पास हुआ। बताया जा रहा है कि गंगा की तेज धारा में नाव अचानक अपना संतुलन खो बैठी। इसके बाद नाव नदी में पलट गई और उस पर सवार सभी मजदूर पानी में गिर गए।
नाव पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान 20 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दो मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए नदी में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मजदूर राघोपुर तटबंध को बचाने के लिए फ्लड फाइटिंग कार्य कर रहे थे। इसी दौरान नदी की बदलती धारा और तेज बहाव के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि नाव पर लदी रेत की बोरियों का वजन कम होने और धारा के विपरीत दबाव बढ़ने से स्थिति बिगड़ी। इसके बाद नाव अचानक पलट गई। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लापता मजदूरों की तलाश में जुटी हुई है।
राघोपुर गांव में दो दिन पहले गंगा नदी का तटबंध टूट गया था। तटबंध टूटने के बाद गांव और आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया था। बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास में भी पानी प्रवेश कर गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हाल ही में इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया था। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। तटबंध की मरम्मत और कटाव रोकने का काम भी जारी है। इसी काम के दौरान नाव पलटने की यह घटना हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लापता मजदूरों को सुरक्षित खोज निकालना है।



