रांची से जुड़ी रेलवे यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। टाटानगर-बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस में जल्द एक अतिरिक्त स्लीपर कोच जोड़ा जाएगा। दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया है। इसके तहत एक सामान्य कोच की जगह स्लीपर कोच लगाया जाएगा। रेलवे का यह कदम लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। लंबे समय से इस ट्रेन में अतिरिक्त स्लीपर कोच की मांग उठ रही थी। यात्रियों को अक्सर आरक्षण के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब अतिरिक्त कोच जुड़ने से सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। हालांकि इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रेलवे के अनुसार यह नई व्यवस्था 17 जुलाई 2026 से टाटानगर से चलने वाली ट्रेन में लागू होगी। वहीं 18 जुलाई 2026 से बक्सर से चलने वाली ट्रेन में भी यह बदलाव प्रभावी हो जाएगा। दक्षिण पूर्व रेलवे ने इस संबंध में आवश्यक तैयारी शुरू कर दी है। यात्रियों को नई सुविधा का लाभ निर्धारित तिथि से मिलने लगेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इससे भीड़ का दबाव कुछ हद तक कम होगा। स्लीपर श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सीटें उपलब्ध होंगी। इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को भी राहत मिलने की संभावना है। रेलवे लगातार यात्रियों की जरूरतों का आकलन कर रहा है। उसी के आधार पर कोच संरचना में बदलाव किए जा रहे हैं। यह फैसला भी यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
दक्षिण पूर्व रेलवे के जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण कुमार जोशी ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि 23 मार्च 2026 को महाप्रबंधक को पत्र लिखकर स्लीपर कोच बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने मामले पर विचार किया। यात्रियों की आवश्यकताओं को देखते हुए मांग को स्वीकार किया गया। अरुण कुमार जोशी ने कहा कि अतिरिक्त स्लीपर कोच से हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के यात्रियों को इससे विशेष सुविधा प्राप्त होगी। भविष्य में और स्लीपर कोच बढ़ाने के प्रयास भी जारी रहेंगे। इसके साथ ही एसी 3-टियर इकोनॉमी कोच बढ़ाने की मांग भी उठाई जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेलवे यात्रियों की जरूरतों के अनुसार आगे भी सकारात्मक निर्णय लेगा। इससे यात्रा व्यवस्था और अधिक बेहतर बन सकेगी।



