रांची में बिजली बोर्ड के खाते से फर्जी निकासी मामले में सुनवाई लंबित है। यह मामला 109 करोड़ रुपये की कथित फर्जी निकासी से जुड़ा हुआ है। पिछले चार महीने से इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस प्रकरण ने काफी समय से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। केनरा बैंक ने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बैंक ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई थी। मामले में विभिन्न पक्षों की दलीलें भी रखी गई थीं। इसके बाद न्यायालय ने आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत में शपथ पत्र दाखिल किया था। शपथ पत्र में सीबीआई ने जांच करने पर सहमति जताई थी। इस सहमति के बाद मामले को आगे बढ़ाया गया। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने आदेश जारी किया। अदालत ने याचिका को 28 जनवरी के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। इस आदेश के बाद अगली सुनवाई की उम्मीद थी। हालांकि निर्धारित तिथि के बाद भी सुनवाई नहीं हो सकी। मामला अब भी लंबित बना हुआ है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है। संबंधित पक्ष भी अगली सुनवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
यह मामला बिजली बोर्ड के खाते से बड़ी राशि की कथित फर्जी निकासी से संबंधित है। जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। अदालत में मामले की सुनवाई पहले हो चुकी है। सीबीआई की सहमति के बाद मामले को नई दिशा मिली थी। इसके बावजूद आगे की सुनवाई नहीं हो पाई। अब अगली सुनवाई की तिथि का इंतजार किया जा रहा है। मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। सभी पक्ष न्यायालय के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह मामला प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत के अगले निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई होगी।



