खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग से बढ़ेगा राजस्व, रोजगार और विकास.
बालू घाट संचालन तेज कर अवैध खनन रोकने पर सरकार गंभीर.
झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में विभागों की योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य के राजस्व को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को राजस्व की हानि होती है। अवैध गतिविधियां पर्यावरण और कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती हैं। मुख्यमंत्री ने विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी बढ़ाने को कहा। उन्होंने 300 नीलाम बालू घाटों को शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया। इससे राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई गई।
मुख्यमंत्री ने बंद पड़ी खदानों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, उन्हें चालू किया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो उनकी लीज निरस्त कर पुनः ऑक्शन किया जाए। मुख्यमंत्री ने गोल्ड माइनिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सात गोल्ड माइंस के उत्पादन में वृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। राज्य में नए गोल्ड ब्लॉकों के ऑक्शन को भी गति देने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने JSMDC और JMECL को अधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने की बात कही। उन्होंने दोनों संस्थाओं में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में डीएमएफटी निधि के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन और स्थानीय विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण को अनिवार्य बताया।
भवन निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने आधुनिक और टिकाऊ निर्माण तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। तकनीकी निरीक्षण के माध्यम से गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने छात्रावासों में ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने के लिए योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कोयला आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सस्टेनेबल माइनिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने पहाड़ों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर बल दिया। बैठक में अधिकारियों को विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए गए।



