चतरा जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सदर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में अंतरराज्यीय अफीम तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस कार्रवाई में चार तस्करों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो तस्कर पंजाब के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके पास से एक किलो 319 ग्राम अफीम बरामद की है। इसके अलावा एक काले रंग की मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। चार अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन और नकद राशि भी बरामद हुई है। बरामद अफीम की कीमत करीब सात लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इलाके में इस सफलता से पुलिस का मनोबल बढ़ा है।
जानकारी के अनुसार, एसपी अनिमेष नैथानी को तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि लावालौंग थाना क्षेत्र से अफीम खरीदकर उसे पंजाब भेजने की तैयारी है। इसके बाद सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने टिकर रोड पर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोका गया। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर PB08FT-1403 था। तलाशी लेने पर कार से अफीम की खेप बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष कुमार दांगी और रूपेश कुमार यादव के रूप में हुई है। ये दोनों चतरा जिले के निवासी हैं। वहीं हरेंद्र सिंह और दविंद्रपाल सिंह पंजाब के जालंधर और शाहकोट के रहने वाले हैं। एसडीपीओ ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। उन्होंने कहा कि तस्करी का नेटवर्क झारखंड से पंजाब तक फैला हुआ है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इसके साथ ही फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच भी की जा रही है। इस अभियान में कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है।



