रांची के रिम्स अस्पताल से एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। ओपीडी में युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जो बीमारियां बुजुर्गों में होती थीं, अब युवाओं में दिख रही हैं। 30 से 45 साल के लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। हार्ट, किडनी और फेफड़ों की बीमारियां बढ़ रही हैं। कैंसर के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों ने इसे गंभीर संकेत बताया है।
रिम्स के आंकड़ों के अनुसार कार्डियोलॉजी विभाग में 36,635 मरीज आए। इनमें 14,706 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। सबसे ज्यादा 35 प्रतिशत मरीज 35 से 45 साल के थे। 46 से 60 साल के 30 प्रतिशत मरीज थे। 26 से 34 साल के 20 प्रतिशत मरीज शामिल रहे। 25 साल से कम उम्र के 15 प्रतिशत मरीज भी दर्ज किए गए। किडनी और टीबी विभाग में भी यही स्थिति देखी गई।
डॉक्टरों के अनुसार इसका मुख्य कारण जीवनशैली है। तनाव, जंक फूड और कम व्यायाम जिम्मेदार हैं। प्रदूषण और धूम्रपान भी बड़ा कारण है। विशेषज्ञों ने शुरुआती लक्षण पहचानने की सलाह दी है। समय पर जांच जरूरी बताई गई है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की जरूरत है। जागरूकता से जोखिम कम किया जा सकता है।



