रांची में JET 2024 परीक्षा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विषय सूची में कुछ विषयों को शामिल नहीं किया गया है। इसी को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में मामला सुना गया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को लिखित बहस देने का निर्देश दिया। यह बहस सोमवार तक देनी होगी। अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई 12 जून को होगी। इस मामले में LIS और PES विषय चर्चा में हैं। इन्हें शामिल करने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने UGC नियमों का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि कई विषयों में NET या JET जरूरी है। लाइब्रेरी साइंस और फिजिकल एजुकेशन भी ऐसे विषय हैं। इसके बावजूद इन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया है। अन्य विषय जैसे फिजिक्स और केमिस्ट्री शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने इसे असमानता बताया है। उन्होंने कोर्ट से समानता की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का पालन नहीं किया गया है। यह मामला अब कानूनी रूप से महत्वपूर्ण बन गया है। कोर्ट सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है।
राज्य सरकार ने अपने पक्ष में दलील दी है। सरकार ने कहा कि विषय चयन नीति का हिस्सा है। इसमें प्रशासनिक निर्णय जरूरी होता है। पहले लाइब्रेरियन पदों के पुनर्गठन का कारण बताया गया था। अब कहा गया कि ये गैर-शिक्षण पद हैं। याचिकाकर्ता ने इसे विरोधाभासी बताया है। कोर्ट अब दोनों पक्षों को सुन रहा है। फैसला आने का इंतजार है। यह निर्णय कई उम्मीदवारों को प्रभावित करेगा। अब अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है।



