रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट में वायु प्रदूषण से जुड़ी जनहित याचिका पर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने धनबाद में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने अवैध माइनिंग और कोयला परिवहन को मुख्य कारण माना। मामले में धनबाद डीसी और एसएसपी को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव को भी तलब किया गया। धनबाद नगर आयुक्त को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को कहा गया। कोर्ट ने बीसीसीएल के सीएमडी को भी सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि धनबाद की वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुकी है। अदालत ने टिप्पणी की कि अवैध खनन की गतिविधियां लगातार जारी हैं। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। कहा गया कि कई प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है। कोल डस्ट के कारण प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। इससे लोगों को सांस संबंधी समस्याएं हो रही हैं। स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को अदालत ने गंभीर बताया।
बीसीसीएल की ओर से अदालत को बताया गया कि बंद खदानों को भरकर पार्क विकसित किए जा रहे हैं। कंपनी ने अवैध खनन रोकने के लिए कई एफआईआर दर्ज कराने की जानकारी दी। हालांकि पुलिस कार्रवाई संतोषजनक नहीं होने की बात भी कही गई। कोर्ट ने संबंधित याचिका को जनहित याचिका के साथ जोड़ने का आदेश दिया। इससे पहले अदालत ने जिला माइनिंग अधिकारी से जवाब भी मांगा था। सरकार की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों की जानकारी दी गई थी। ग्रामीण एकता मंच ने आरोप लगाया कि कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। अदालत अब अगली सुनवाई में अधिकारियों से विस्तृत जवाब लेगी।


