झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों, सदर अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रबंधन को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इसी उद्देश्य से हॉस्पिटल मैनेजर के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। इससे पहले भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद उसे रद्द कर दिया गया था। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत दोबारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। कुल 201 पदों पर अनुबंध के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 मार्च से शुरू होगी। अभ्यर्थी 30 मार्च तक आवेदन कर सकेंगे। इस भर्ती से अस्पतालों के प्रशासनिक कार्यों में सुधार होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है।
इन 201 पदों में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनारक्षित वर्ग के लिए 81 पद निर्धारित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 20 पद रखे गए हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए 52 पद निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जाति के लिए 20 पद तय किए गए हैं। बीसी-वन के लिए 16 पद और बीसी-टू के लिए 12 पद शामिल हैं। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित योग्यता होना आवश्यक है। हॉस्पिटल मैनेजमेंट या हेल्थ केयर में पीजी डिप्लोमा अनिवार्य रखा गया है। इसके अलावा हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए या पब्लिक हेल्थ में स्नातकोत्तर डिग्री भी मान्य होगी। अभ्यर्थियों के पास कम से कम तीन वर्ष का कार्य अनुभव होना जरूरी है।
चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 41 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। उम्मीदवारों को कंप्यूटर और हॉस्पिटल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर की जानकारी भी होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली बेहतर होगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत अन्य पदों पर भी भर्ती की तैयारी है। स्पेशलिस्ट मेडिकल ऑफिसर के 181 पदों पर भी नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए टेंडर के माध्यम से चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। चिकित्सक 25 मार्च तक टेंडर जमा कर सकेंगे। चयनित डॉक्टरों को अधिकतम तीन लाख रुपये तक मानदेय दिया जा सकता है।



