तेतुलिया और सतनपुर क्षेत्र की पहाड़ और वन भूमि सरकार ने बोकारो इस्पात संयंत्र को दी थी। लंबे समय तक उपयोग नहीं होने के कारण यह भूमि खाली पड़ी रही। बाद में बीएसएल ने इस जमीन को वन विभाग को लौटा दिया।
वर्ष 1980 और 2013 में रिवीजनल सर्वे भी प्रकाशित हुआ था। इन 33 वर्षों में किसी व्यक्ति ने इस जमीन पर दावा या आपत्ति नहीं की। इसके बावजूद वर्ष 2012 में जमीन की फर्जी जमाबंदी कर दी गई।
फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद राज्य सरकार ने जांच कर कार्रवाई की। अब यह मामला हाईकोर्ट में पहुंच चुका है। आरोपी अग्रिम जमानत के लिए अदालत की शरण में हैं।


