गढ़वा जिले में राज्य खाद्य निगम से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। केतार प्रखंड स्थित गोदाम से हजारों क्विंटल चावल गायब पाया गया है। प्रारंभिक जांच में करीब 9003 क्विंटल सीएमआर की कमी उजागर हुई है। इस अनाज की अनुमानित कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। सचिव ने स्पष्ट कहा कि अब तक की जांच संतोषजनक नहीं है। सरकारी चावल के गायब होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। विभाग ने इसे अत्यंत गंभीर मामला बताया है।
इस प्रकरण में पहले भी जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। तय समय सीमा में रिपोर्ट नहीं सौंपे जाने पर नाराजगी जताई गई है। हाईकोर्ट ने भी मामले पर स्वतः संज्ञान लिया था। अब स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।



