रांची में हाईकोर्ट का यह आदेश किसी चेतावनी से कम नहीं है। राजधानी की समस्याओं पर अदालत की यह टिप्पणी प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक बड़ा संदेश है। लंबे समय से ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण और अव्यवस्था से परेशान लोगों को राहत की उम्मीद मिल रही है। अदालत ने कहा कि समस्याओं को अनदेखा करने का दौर अब समाप्त होना चाहिए।
समिति गठन का निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें उच्च स्तर के सभी अधिकारी शामिल हैं। इससे उम्मीद है कि समस्या का समाधान कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर होगा। बैठक का समय, तिथि और स्थान भी स्पष्ट कर दिया गया है। इससे अदालत की गंभीरता साफ दिखाई देती है।
यह निर्देश प्रशासन के लिए अवसर भी है और चुनौती भी। बेहतर व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के लिए किए गए प्रयासों का असर आने वाले महीनों में दिख सकता है। अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि समय सीमा में सुधार नहीं हुआ तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। शहर के लोग अब सकारात्मक बदलाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


