बिरसा मुंडा की जयंती पर सीसीएल में उमड़ा सम्मान का सागर.
आदिवासी इतिहास, संस्कृति और वीरता को समर्पित विशेष आयोजन सम्पन्न.
रांची में सीसीएल मुख्यालय ने आज एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। जनजातीय गौरव वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पूरे सम्मान के साथ मनाई गई। प्रतिमा पर पुष्प अर्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। अधिकारियों ने कहा कि बिरसा मुंडा आदिवासी अस्मिता के महान प्रतीक हैं। सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह और अन्य अधिकारी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। महाप्रबंधक और यूनियन प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को और महत्वपूर्ण बना दिया। सभी ने उनके संघर्ष को राष्ट्र का गौरव बताया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन दर्शन को बड़ी सरलता से समझाया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक बना दिया। बिरसा मुंडा के नारे पूरे आयोजन में गूंजते रहे। आदिवासी समाज से आए प्रतिभागियों ने उनकी परंपरा से जुड़े अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि 150वीं जयंती सिर्फ तिथि नहीं, बल्कि विचारों का उत्सव है। कर्मचारियों ने माना कि बिरसा मुंडा का संघर्ष आज भी मार्गदर्शन देता है। उनके जल-जंगल-जमीन आंदोलन को वर्तमान चुनौतियों से जोड़ा गया। सभी ने उन्हें महान स्वतंत्रता सेनानी के रूप में सम्मान दिया।
अंत में समिति ने सभी का धन्यवाद किया। अधिकारियों ने जनजातीय कल्याण गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। कार्यक्रम में एकता और सम्मान की गहरी भावना दिखी। प्रतिभागियों ने कहा कि यह आयोजन प्रेरणा का स्रोत बनेगा। परिसर में पूरे समय सकारात्मक ऊर्जा बनी रही। लोग देर तक प्रतिमा के पास श्रद्धांजलि देते रहे। समारोह जनजातीय गौरव वर्ष की शानदार शुरुआत साबित हुआ।



