अदालत ने स्पष्ट किया कि डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) योजना का लाभ केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। यह लाभ समान पद और कैडर के सभी योग्य मेडिकल अधिकारियों को मिलेगा।
जस्टिस आनंद सेन की बेंच ने कहा कि अगर किसी नीति की कट-ऑफ डेट को अदालत द्वारा गलत घोषित किया जाता है, तो उसका असर सिर्फ याचिकाकर्ताओं पर नहीं पड़ेगा। उस नीति के दायरे में आने वाले सभी अधिकारी स्वतः लाभ पाने के हकदार होंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब कोई नीति पुनर्जीवित होती है, तो उसका फायदा सभी समान रूप से स्थित अधिकारियों को दिया जाना चाहिए।
मामला राम प्रसाद सिंह और अन्य डॉक्टरों की याचिका से जुड़ा था। इन डॉक्टरों ने DACP योजना के तहत 2002 और 2008 से लाभ और बकाया भुगतान की मांग की थी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सभी प्रभावित डॉक्टरों को आठ सप्ताह के भीतर उनका बकाया और प्रमोशन लाभ दिया जाए। इस फैसले से सैकड़ों मेडिकल अधिकारियों को राहत मिली है।


