नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा (Toxic Air) के साथ जागी, क्योंकि यहाँ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँचकर 400 के स्तर को पार कर गया है। यह स्थिति शहर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य आपातकाल जैसी है। हवा की गुणवत्ता में इस अचानक आई भारी गिरावट ने प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आज सुबह सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में वज़ीरपुर (AQI 425), बवाना (410), रोहिणी (409), आरके पुरम (418), और द्वारका (401) शामिल थे। AQI का 401 से 500 के बीच होना ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी को दर्शाता है, जिसका अर्थ है कि यह स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरनाक है। हवा की गुणवत्ता में आई इस गिरावट का मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना और स्थानीय उत्सर्जन को माना जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली सरकार ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और बाहरी गतिविधियों को सीमित करने की अपील की है। विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है। सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के सख्त चरणों को लागू करने पर विचार करना शुरू कर दिया है। यह संकट दिखाता है कि सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली को हर साल जहरीली हवा के गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।



