पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स को भेज रहे थे। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। वे सेना के ठिकानों, गतिविधियों और अन्य रणनीतिक महत्व के दस्तावेजों की छवियाँ (Images) और संवेदनशील दस्तावेज़ पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुँचा रहे थे। यह जासूसी नेटवर्क भारत की सुरक्षा और खुफिया जानकारी को खतरे में डाल रहा था। आरोपियों को गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा गया और उनसे जासूसी में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
पुलिस अब गिरफ्तार किए गए इन तीनों जासूसों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ों और उनके अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आशंका जताई है कि इस गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से होने वाली जासूसी (Cyber Espionage) के बढ़ते खतरे को उजागर किया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति पंजाब पुलिस की कड़ी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।



