नई दिल्ली: दिवाली की रात पूरी दिल्ली में लोगों द्वारा जमकर आतिशबाजी किए जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। सोमवार रात को पटाखों के भारी उत्सर्जन के कारण अधिकांश निगरानी स्टेशनों को ‘रेड ज़ोन’ में चिह्नित किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा दर्शाता है।
आतिशबाजी के दुष्परिणाम केवल प्रदूषण तक ही सीमित नहीं रहे। सोमवार रात को दिल्ली अग्निशमन सेवा (Fire Services) को आग लगने की घटनाओं से संबंधित कुल 269 आपातकालीन कॉल प्राप्त हुए। यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है और पटाखों के असुरक्षित उपयोग के जोखिम को रेखांकित करती है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार आने वाले इन कॉलों से सेवाओं पर अत्यधिक दबाव पड़ गया। प्रदूषण के कारण पूरे शहर में स्मॉग की मोटी चादर छा गई, जिससे दृश्यता भी बुरी तरह से प्रभावित हुई।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में ठंड बढ़ने और हवा की गति कम होने से प्रदूषण का स्तर और खराब होगा। प्रशासन द्वारा पटाखों पर लगाए गए प्रतिबंधों के सख्त पालन में कमी को इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है। चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को घर के अंदर रहने और सुरक्षा उपाय करने की अपील की है। प्रदूषण के इस खतरे से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।


