पम्पा/सबरीमाला, केरल: सबरीमाला मंदिर के स्वर्ण लेपन विवाद की जाँच के सिलसिले में न्यायमूर्ति (Justice) के.टी. शंकरन आज (शनिवार) सबरीमाला पहाड़ी मंदिर पहुँचे। केरल उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त जस्टिस शंकरन, मंदिर की मूल्यवान वस्तुओं और स्वर्ण लेपन कार्य से संबंधित सामानों की विस्तृत सूची (Inventory) तैयार करेंगे। यह कदम विवाद की सत्यता स्थापित करने और अनियमितताओं की जाँच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जस्टिस शंकरन 10 अक्टूबर को सबरीमाला के तलहटी क्षेत्र पम्पा पहुँचे थे। शनिवार को, उन्होंने सुबह लगभग 8 बजे मंदिर तक पहाड़ी यात्रा (Trek) की। उनका मुख्य कार्य स्वर्ण लेपन परियोजना के दौरान उपयोग किए गए सोने की मात्रा और उसकी गुणवत्ता की जाँच करना है। उच्च न्यायालय ने इस मामले में आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद यह न्यायिक जाँच चल रही है। जस्टिस शंकरन अपनी जाँच रिपोर्ट सीधे उच्च न्यायालय को सौंपेंगे। उनकी रिपोर्ट इस बात को सुनिश्चित करने में आधार बनेगी कि मंदिर के मूल्यवान धन का दुरुपयोग नहीं हुआ है।
इस न्यायिक निरीक्षण के कारण मंदिर परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक गतिविधि कड़ी कर दी गई है। मंदिर बोर्ड को जाँच में पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।



