कोलकाता: पश्चिम बंगाल पुलिस ने वक्फ अधिनियम को लेकर हुई हिंसा के सिलसिले में मुर्शिदाबाद जिले से 110 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और हिंसा प्रभावित इलाकों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।
अन्य जिलों में भी छापेमारी जारी है ताकि हिंसा में शामिल अन्य लोगों को पकड़ा जा सके।
पुलिस के अनुसार, मुर्शिदाबाद के अलावा, हावड़ा और उत्तरी दिनाजपुर जिलों में भी वक्फ अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कुछ स्थानों पर हिंसा और पथराव की घटनाएं हुईं। पुलिस इन जिलों में भी स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
मुर्शिदाबाद में स्थिति विशेष रूप से तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। जिले में शांति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
राज्य सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर की गई है। उनसे हिंसा के कारणों और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे कोई संगठित समूह है।
जिन इलाकों में हिंसा हुई है, वहां इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके और स्थिति को और बिगड़ने से बचाया जा सके। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अन्य जिलों में भी छापेमारी जारी है और हिंसा में शामिल संदिग्धों को हिरासत में लिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जाए और दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जाए।


