जम्मू-कश्मीर बस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने का संदेह, आतंकवाद रोधी एजेंसी का दावा.
पिछले महीने जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में हुए बस हमले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार एक आरोपी से की गई पूछताछ से पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के शामिल होने की ओर इशारा मिलता है।
इस हमले में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 41 लोग घायल हो गए थे।
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही हिंसा को अंजाम देने वाले आतंकी संगठनों पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षाबलों का लगातार अभियान जारी है। रियासी बस हमले के मामले में एनआईए की जांच से बड़ा खुलासा हुआ है। एजेंसी को आशंका है कि इस हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एनआईए मामले की गहन जांच कर रही है। फिलहाल एजेंसी ने आधिकारिक रूप से लश्कर-ए-तैयबा के शामिल होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच की दिशा इसी ओर घूमती हुई नजर आ रही है।
लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान का सबसे बड़ा और खतरनाक आतंकी संगठन माना जाता है। यह संगठन जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कुख्यात है।
जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के लिए सुरक्षाबलों को लश्कर-ए-तैयबा समेत सक्रिय आतंकी संगठनों पर लगाम लगाना एक बड़ी चुनौती है। एनआईए की जांच से मिली जानकारी आतंकी फंडिंग, हथियारों की तस्करी और आतंकियों की घुसपैठ के मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकती है।


