यहां दो रणनीतिक सुरंगों के निर्माण को मंजूरी मिल गई है, जो क्षेत्र को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। यह परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर के विकास और सामरिक महत्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
केंद्र ने कुल ₹10,600 करोड़ की लागत वाली उन्नीस परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें ये दो सुरंगें भी शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल कनेक्टिविटी में सुधार करना है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देना है। इन सुरंगों के बन जाने से दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भी साल भर आवागमन संभव हो पाएगा, जिससे स्थानीय लोगों, सेना और पर्यटकों सभी को लाभ मिलेगा। कई राजनीतिक दल इन परियोजनाओं का श्रेय लेने की होड़ में हैं, जो इनके महत्व को दर्शाता है।
इन रणनीतिक सुरंगों का निर्माण जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा और सामरिक तैयारियों के लिए भी अहम है। ये परियोजनाएं विषम मौसमी परिस्थितियों में भी सेना और आपूर्ति की आवाजाही को सुगम बनाएंगी। यह कदम दर्शाता है कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे क्षेत्र में शांति और समृद्धि आ सके।



