यह योजना, जिसका मुख्य उद्देश्य संपत्ति की खरीद और बिक्री की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और नागरिकों को सुविधा प्रदान करना था, अब अपने नियोजित समय पर लागू नहीं हो पाएगी। इस देरी से उन लाखों लोगों में निराशा है जो इस डिजिटल पहल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
इस प्रमुख योजना को संपत्ति के लेनदेन में पारदर्शिता लाने और आम जनता का बहुमूल्य समय और पैसा बचाने के लिए डिजाइन किया गया था। इसके लागू होने से संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया सरल हो जाती और संभावित धोखाधड़ी की संभावना काफी हद तक कम हो जाती। हालांकि, परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों और सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं ने इसकी शुरुआत को फिलहाल रोक दिया है। इन ग्लिच को दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार काम कर रहे हैं ताकि प्रणाली को सुचारू रूप से चलाया जा सके।
सरकार ने इन तकनीकी समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने और योजना को लागू करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वे एक मजबूत और त्रुटिहीन प्रणाली सुनिश्चित करना चाहते हैं ताकि जनता को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। यद्यपि यह विलंब निराशाजनक है, सरकार को उम्मीद है कि एक बार इन तकनीकी बाधाओं को सफलतापूर्वक दूर कर लिया जाएगा, तो ‘एक राज्य एक पंजीकरण’ योजना महाराष्ट्र में संपत्ति पंजीकरण के तरीके में एक महत्वपूर्ण क्रांति लाएगी, जिससे नागरिकों को अभूतपूर्व लाभ मिलेगा।


